Retirement से आधा घंटा पहले 10 हजार की रिश्वत लेते हुए थे गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनवाई पांच साल की सजा
ठेकेदार अजीत कुमार ने मानेसर सेक्टर-5 में सड़क सफाई का काम पूरा किया था, जिसके बाद उनका 4.25 लाख रुपये का भुगतान विभाग के पास लंबित था।

Retirement : रिटायरमेंट से आधा घंटा पहले दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए HSIIDC के सीनियर मैनेजर को गुरुग्राम की जिला अदालत ने दोषी करार दिया। सीनियर मैनेजर ने ठेकेदार के लाखों रुपये के बिल का भुगतान करने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। एसीबी की टीम ने सीनियर मैनेजर को 30 सितंबर 2021 को मानेसर में स्थित HSIIDC के कार्यालय से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार करने के बाद सीनियर मैनेजर ने खुद को निर्दोष बताते हुए फंसाने का आरोप लगाया था। हालांकि एसीबी ने मामला दर्ज करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया था।
गुरुवार को गुरुग्राम की जिला अदालत ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) मानेसर के सीनियर मैनेजर दलबीर सिंह को भ्रष्टाचार का दोषी पाया है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दोषी को पांच साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
ठेकेदार अजीत कुमार ने मानेसर सेक्टर-5 में सड़क सफाई का काम पूरा किया था, जिसके बाद उनका 4.25 लाख रुपये का भुगतान विभाग के पास लंबित था। आरोप था कि इस बिल को पास करने के लिए सीनियर मैनेजर दलबीर सिंह उनसे लगातार 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम को दी। ब्यूरो ने एक योजनाबद्ध जाल बिछाया और जैसे ही दलबीर सिंह ने रिश्वत के पैसे लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि भ्रष्टाचार लोक सेवा के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और प्रशासनिक व्यवस्था को दूषित करता है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी के प्रति कानून कोई नरमी नहीं बरतेगा।









